Sunday, 3 March 2019

पकिस्तान द्वारा भारत पर हमले के बारे में स्वीडन की एक न्यूज़ मैगज़ीन ने लिखा

_स्वीडन की एक न्यूज़ मैगज़ीन ने लिखा है -
F16 के जमीदोज होते ही अमेरिका को पता चल गया था, भारत पर इसके इस्तेमाल से_ _अमरीका गुस्से में था पर उस समय ये भी जरुरी पाक की भारत के गुस्से से बचाना भी था। क्योकिं भारत का एक पायलट पाक_ _कब्जे में जाते ही भारत बड़ी कार्यवाई के लिये ब्रम्होस मिसाइलें तैयार कर ली थी। प्लान यही था कि पाकिस्तान एयर फोर्स को रात में ही तहस नहस कर दिया जाये। जिसकी भनक अमेरिका को लग गयी। अमेरिका ने तुरन्त_ _पाकिस्तान को चेता दिया कि कब्जे में रखे भारत के पायलट को कोई नुक्सान नहीं होना चाहिये, नहीं तो भारत को रोकना नामुमकिन होगा, और चेताया कि युद्घ की स्थिति में वो_ _F16 के इंजन को लॉक कर देगा। भारत की सम्भावित कठोर कार्यवाई से घबराये खुद बाजवा ने UAE से बात की ,और उधर_ _अमेरिका ने अरब और रूस से बात की। अरब ने भारत से एक रात रुकने की सलाह दी। अरब ने करीब दोपहर में ही pmo नयी दिल्ली से सम्पर्क साध लिया था और पाक को फटकार लगायी। रूस, अमेरिका ने पाक को समझा दिया की कल सुबह तक हर हाल में इंडियन पायलट को छोड़ने की घोषणा करे, वो भी बिना शर्त। यही नहीं, पाक ने चीन से भारत के आसमान पर निगरानी कर रहे उपग्रह से डायरेक्ट लिंक मांगा, जिसे चीन ने मना कर दिया। अन्त में पाक ने टर्की से मदद मांगी। उसने फ़ौरन ही मना कर दिया और पायलट को छोडने को कहा। इधर भारत क्या कर सकता है, इसकी जानकारी के लिये पूरे विश्व के बड़े देशो के उपग्रह भारत पर नजर रख रहे थे। 24 फरवरी से लेकर 28 फरवरी तक रात में, पाकिस्तान के बड़े फौजी_ _अधिकारी घर में बने बन्करों में रहते थे। पाक बिलकुल असहाय था, मोदी जी ने लाचार बना दिया था।_

_और हमारे यहाँ कुछ भड़वे इमरान खान के मुरीद हुए जा रहे।_

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