Friday, 1 March 2019

राजभवन ने कहा कराएं कन्वोकेशन, यूनिवर्सिटी बोली कुलपति के बिना मुश्किल

अजमेर
नवां दीक्षान्त समारोह महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के लिए मुसीबत बन गया है। एक तरफ राजभवन ने पत्र भेजकर एक महीने में समारोह कराने के आदेश दिए हैं। वहीं विश्वविद्यालय ने कुलपति के कामकाज पर हाईकोर्ट की रोक का हवाला देकर असमर्थता जताई है।

विश्वविद्यालय का नवां दीक्षान्त समारोह 1 अगस्त को होना प्रस्तावित था। इसमें कुलाधिपति एवं राज्यपाल कल्याण सिंह, बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व चेयरमेन अनिल खंडेलवाल को बुलाया जाना प्रस्तावित था। लेकिन 21 जुलाई को तत्कालीन कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली का निधन हो गया। एसे में राज्यपाल एवं कुलाधिपति कल्याण सिंह ने समारोह स्थगित कर दिया। तबसे छह महीने बीत चुके हैं।

*राजभवन ने भेजा पत्र*
राज्यपाल के सचिव ने हाल में विश्वविद्यालय को पत्र भेजा है। इसमें एक महीने में दीक्षान्त समारोह कराने के आदेश दिए गए हैं। इस पर विश्वविद्यालय ने प्रत्युत्तर भेजा है। इसमें कहा गया है कि कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह के कामकाज पर राजस्थान हाईकोर्ट ने 11 अक्टूबर से रोक लगाई हुई है। दीक्षांत समारोह से पहले नियमानुसार प्रबंध मंडल और एकेडेमिक कौंसिल की बैठक बुलाकर डिग्रियों को ग्रेस पास किया जाता है। कुलपति के बगैर समारोह और दोनों बैठक नहीं हो सकती हैं।

*हर साल कराना है समारोह*
राज्यपाल एवं कुलाधिपति कल्याण सिंह ने 2014 में कार्यभार संभालने के बाद सभी विश्वविद्यालयों को आदेश जारी किया था। इसमें प्रतिवर्ष दीक्षान्त समारोह का आयोजन कर डिग्री और पदक बांटने को कहा गया। इसकी अनुपालना में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय दीक्षान्त समारोह का आयोजन कर रहे हैं। 

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